EV vs Petrol Car | ईवी बनाम पेट्रोल कार, कौन सी कार खरीदना बेहतर है? पढ़ें और फैसला करें

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Should you Buy Electric Car

EV vs Petrol Car: क्या आप भी साल 2024 में इलेक्ट्रिक कार खरीदने की सोच रहे हैं? तो हम आपको बता दें कि इस समय कई कार कंपनियां अपने ग्राहकों को शानदार डील ऑफर कर रही हैं। दूसरी ओर, देश में डीजल और पेट्रोल की कीमतें काफी समय से स्थिर हैं, लेकिन प्रदूषण के बढ़ते स्तर के कारण लोग अब इलेक्ट्रिक कारों को अपने विकल्पों में शामिल करने लगे हैं।

आजकल हर कोई यह कहता नजर आ जाएगा कि डीजल-पेट्रोल कार खरीदने की बजाय इलेक्ट्रिक कार खरीदनी चाहिए और यह बात बिल्कुल सच है। लंबी अवधि में इलेक्ट्रिक कार ज्यादा फायदेमंद होती है, लेकिन अगर आप छोटी अवधि के लिए ईवी कार खरीदने की सोच रहे हैं तो आपको अपने फैसले पर दोबारा विचार कर लेना चाहिए। आज हम आपको इसका पूरा हिसाब बताएंगे कि आपको इसे अभी खरीदना चाहिए या नहीं।

इलेक्ट्रिक कार के लाभ

जब भी ईवी की बात आती है तो सबसे पहले लोग इसकी रनिंग कॉस्ट के बारे में बात करना शुरू कर देते हैं, क्योंकि जहां पेट्रोल कार में 1KM चलने का खर्च 7 रुपये तक आता है, वहीं आपकी EV एक रुपये से भी कम में 1KM की दूरी तय कर लेती है। है। हां, यह कहना गलत नहीं होगा कि ईवी में हर किलोमीटर पर आपको 6 रुपये का फायदा मिल रहा है लेकिन फिर भी यह फैसला गलत है।

टाटा नेक्सन पेट्रोल बनाम ईवी

इसके लिए आइए Tata Nexon को लें और समझें कि यह फैसला कैसे गलत है। इस कार के पेट्रोल वेरिएंट की कीमत करीब 9 लाख रुपये है जबकि इसके EV वेरिएंट की कीमत 17 लाख रुपये है।

यहां अगर हम 8 लाख रुपये ज्यादा खर्च कर रहे हैं तो इसका फायदा तभी होगा जब हम कार को 1.40 लाख किलोमीटर तक चलाएंगे, जिसे रोजाना घर से ऑफिस और ऑफिस से घर तक तय करने में काफी समय लगेगा। इतना ही नहीं, महंगी कार होने के कारण लोन की रकम भी ज्यादा होगी जिसे चुकाने में आपको काफी समय लगेगा।

खास बात यह है कि 8 साल बाद आपको इसकी बैटरी भी बदलनी पड़ेगी और Nexon EV के लिए इसकी कीमत करीब 8 लाख रुपये होगी। इसके अलावा ईवी कारों की बीमा लागत भी अधिक है।

इसके अलावा इन कारों की रीसेल वैल्यू भी बहुत कम होती है क्योंकि बैटरी, मोटर, इलेक्ट्रॉनिक्स की आमतौर पर कोई रीसेल वैल्यू नहीं होती है। वहीं दूसरी ओर पेट्रोल गाड़ियाँ काफी अच्छे दामों पर बिकती हैं।

वर्तमान में, ईवी के लिए कोई चार्जिंग बुनियादी ढांचा नहीं है, लेकिन हाल ही में अंतरिम बजट 2024-25 में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसके विस्तार के संबंध में घोषणाएं की थीं। हालाँकि, इसके लिए आपको अभी और इंतज़ार करना होगा।